FATF की ग्रे लिस्ट में ही रहेगा पाकिस्तान! 6 प्रमुख आदेशों को पूरा करने में हुआ फेल


पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान

Pakistan FATF Gray Checklist: एएफएटीएफ (Monetary Motion Job Drive) के उप समूह (सब ग्रुप) की 21 से 23 अक्टूबर को बैठक है, जिसमें वैश्विक मनी लॉन्ड्रिंग (World Cash Laundering) और आतंकवाद को वित्तपोषण जैसे मुद्दों पर बातचीत होनी है.

  • News18Hindi

  • Final Up to date:
    October 18, 2020, 6:28 PM IST

नई दिल्ली. एंटी टेरर फाइनेंसिंग निगरानी समूह (Anti Terror Financing Monitoring Group) की ओर से दिए एक्शन प्लान को पूरा करने में एक बार फिर नाकाम रही पाकिस्तान (Pakistan) की इमरान खान (Imran khan) सरकार फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में बनी रह सकती है. पाकिस्तान एफएटीएफ के छह प्रमुख दायित्वों को पूरा करने में असफल रहा है. इस लिस्ट में भारत के दो सबसे वांछित आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर और हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई शामिल है. अधिकारियों का कहना है कि एफएटीएफ की आधिकारिक सूची से 4,000 से अधिक आतंकवादियों के अचानक गायब होने से वैश्विक धन शोधन और आतंकवादी वित्तपोषण निगरानी की ‘ग्रे लिस्ट’ में पाकिस्तान के बने रहने की संभावना बढ़ सकती है.

हालांकि इस पर आखिरी फैसला एएफएटीएफ (Monetary Motion Job Drive) के उप समूह (सब ग्रुप) की 21 से 23 अक्टूबर को बैठक है, जिसमें वैश्विक मनी लॉन्ड्रिंग (World Cash Laundering) और आतंकवाद को वित्तपोषण जैसे मुद्दों पर होने वाली बातचीत में लिया जाएगा. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एफएटीएफ ने पाकिस्तान को आतंक के वित्तपोषण की पूरी तरह से जांच के लिए कुल 27 कार्य योजना के दायित्व दिए थे, जिसमें से अब तक यह 21 को मंजूरी दे चुका है, लेकिन कुछ प्रमुख कार्यों में विफल रहा है.

इन आदेशों को पूरा नहीं कर पाया पाकिस्तान
जिन जनादेशों में पाकिस्तान विफल रहा है, उनमें जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) प्रमुख अजहर, लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक सीड और संगठन के ऑपरेशनल कमांडर जहूर रहमान लखवी जैसे सभी संयुक्त राष्ट्र-नामित आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है. एक अधिकारी ने कहा, एफएटीएफ ने इस तथ्य पर जोर दिया है कि उसके एंटी टेररिज्म एक्ट की अनुसूची IV के तहत 7,600 की मूल सूची से 4,000 से अधिक आतंकवादियों के नाम अचानक गायब हो गए थे. इन परिस्थितियों में, यह लगभग तय है कि पाकिस्तान FATF ग्रे सूची में ही रहेगा.दुनिया के Four देश नहीं है पाकिस्तान की कार्रवाई से संतुष्ट
अधिकारियों ने बताया कि दुनिया के Four बड़े देश अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी भी इस्लामाबाद की अपनी धरती पर सक्रिय आतंकी समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता से संतुष्ट नहीं हैं. इसलिए पाकिस्तान को अभी ग्रे लिस्ट में ही रखा जा सकता है.





Source link

This site is using SEO Baclinks plugin created by Locco.Ro

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *