कोरोना का पॉजिटिव असर, महामारी में भारत के ऑनलाइन एजुकेशन स्टार्टअप्स को मिली रफ्तार


नई दिल्लीएक िनट पहले

  • कंपनियों के वैल्यूएशन में कोरोना महामारी के दौरान लगभग दोगुना इजाफा हुआ है
  • भारत में एडटेक का मार्केट साइज लगभग 10 लाख करोड़ रुपए का है

कोरोना महामारी के बीच ऑनलाइन एजुकेशन सर्विस देने वाली कंपनियों के लिए साल 2020 बेहद अच्छा रहा। ऑनलाइन एजुकेशन स्टार्टअप्स ने इस साल निवेश के जरिए अरबों रुपए जुटाए है। महामारी के प्रसार को थामने के लिए लगे देशव्यापी लॉकडाउन के बीच एजुकेशन सेक्टर में पारंपरिक शिक्षा के माध्यम के लिए मुश्किलें बढ़ी है, लेकिन इसी दौरान ऑनलाइन एजुकेशन के ट्रेंड को रफ्तार मिला है।

लॉकडाउन का मिला फायदा

एडटेक स्टार्टअप्स ने वर्षों से चले आ रहे एजुकेशन के पारंपरिक तौर-तरीकों को भी बदला है। स्टूडेंट्स के लिए घर बैठे कंटेंट मुहैया कराना, ऑनलाइन क्लासेज के अलावा अन्य कई एजुकेशनल सुविधाओं ने ऑनलाइन एजुकेशन सिस्टम को बदला है। इसी बीच कोरोना के प्रकोप से देश सहित दुनियाभर में लॉकडाउन का एलान किया गया, जिसका फायदा ऑनलाइन एजुकेशन सर्विस देने वाली स्टार्टअप्स को मिला है।

स्टार्टअप्स का वैल्यूएशन

रेडसीर (Redseer) की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय एडटेक स्टार्टअप्स ने केवल 2020 में अबतक 1.5 बिलियन डॉलर (11.03 हजार करोड़ रु.) की रकम जुटाई है। जबकि 2014 से 2019 के बीच इन स्टार्टअप्स ने 1.6 बिलियन डॉलर (11.76 हजार करोड़ रु.) जुटाया था।

कोरोना कारण बदले परिवेश के चलते निवेशकों ने एडटेक स्टार्टअप्स में निवेश बढ़ाया है। इसका ही नतीजा है कि लगभग सभी कंपनियों के वैल्यूएशन में कोरोना महामारी के दौरान दोगुना इजाफा हुआ है। इसमें सबसे पहला नाम बायजू का है। कंपनी का वैल्यूएशन प्री-कोविड में 58.84 हजार करोड़ रु. का था, जो वर्तमान में बढ़कर 80.90 हजार करोड़ रु. हो गया है। अन्य एडटेक स्टार्टअप्स जैसे अनअकेडमी, वेदांतु का भी यही हाल है।

भारत में एडटेक का मार्केट साइज

सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इंडियन एडटेक सेक्टर में काफी संभावनाएं है। भारत में इसका मार्केट साइज 135 बिलियन डॉलर यानी लगभग 10 लाख करोड़ रु. का है। लेकिन वर्तमान में एडटेक स्टार्टअप्स का सालाना रेवेन्यू एक बिलियन डॉलर से भी कम का है।

यूजर्स और सब्सक्राइबर्स की संख्या में इजाफा

भारत में एडटेक स्टार्टअप्स अपने अलग-अलग सेगमेंट के लिए सब्सक्राइबर्स के बीच जगह बनाने में कामयाब हुए हैं। जैसे एरुडिटस के टार्गेट ऑडियंस एमबीए या खासकर बिजनेस की पढ़ाई े वाले स्टूडेंट्स हैं, जबकि बायजू के टार्गेट ऑडियंस स्कूलिंग के बाद नीट, जेईई सहित यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं को देने वाले स्टूडेंट हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 2025 तक भारतीय एडटेक सेक्टर की सालाना रेवेन्यू four बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। साथ ही यूजर्स और सब्सक्राइबर्स की संख्या में भी बड़ी मात्रा में इजाफा होगा।

सब्सक्राइबर्स भी बढ़ाने की योजना

अनअकेडमी के को-फाउंडर गौरव मुंजाल ने हाल ही में अपने ब्लॉग में कहा था कि हम नेटफ्लिक्स के साथ कंपीट करना चाहते हैं, जिसके पास करीब 193 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं। इसके लिए हम लर्निंग और एजुकेशन के लिए आइकोनिक प्रोडक्ट बनाएंगे। इससे हमारे सब्सक्राइबर्स की संख्या में इजाफा होगा।

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