इन पांच हवाई कंपनियों पर AAI का बकाया हुआ दोगुना, कोरोना बना बड़ी वजह


नई दिल्लीः चार प्रमुख घरेलू विमानन ंपनियों ‘इंडिगो (Indigo), स्पाइसजेट (Spicejet), गोएयर (GoAir) और एयरएशिया इंडिया (Air Asia India)’ े ऊपर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण () कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर फरवरी से जुलाई के दौरान दोगुना से अधिक हो गया है. वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी. हालांकि एएआई का सर्वाधिक एयर इंडिया (Air India) के ऊपर है, जो आलोच्य अवधि के दौरान 2.75 फीसदी बढ़कर 2,258.27 करोड़ रुपये हो गया.

एक विमानन कंपनी को एएआई के 100 से अधिक हवाई अड्डों में से किसी सुविधाओं का उपयोग े के लिये हवाई नेविगेशन, लैंडिंग, पार्किंग आदि जैसे विभिन्न शुल्कों का भुगतान ा पड़ता है. एयर इंडिया और एएआई दोनों नागर विमानन मंत्रालय के तहत आती हैं.

भारत में छह प्रमुख घरेलू विमानन कंपनियां इंडिगो, स्पाइसजेट, गोएयर, एयरएशिया इंडिया, एयर इंडिया और विस्तार हैं, जिनके ऊपर एक अगस्त तक एएआई का कुल 2,562.04 करोड़ रुपये बकाया है. यह एक फरवरी के स्तर से लगभग 10 फीसदी अधिक है. अधिकारियों ने बताया कि भारत की सबसे ़ी एयरला इंडिगो की बकाया राशि एक फरवरी को 41.62 करोड़ थी, जो बाद के छह महीने की अवधि में 130.6 फीसदी बढ़कर 95.99 करोड़ रुपये हो गई.

कोरोना वायरस महामारी के चलते यात्रा प्रतिबंधों के कारण विमानन क्षेत्र बेहद प्रभावित हुआ है. इस कारण छह प्रमुख घरेलू विमानन कंपनियों ने पिछले कुछ महीनों के दौरान वेतन कटौती, छंटनी या बिना वेतन के छुट्टी जैसे विभिन्न लागत-कटौती उपायों को अपनाया है.

अधिकारियों ने कहा कि देश की दूसरी सबसे बड़ी विमानन कंपनी स्पाइसजेट के ऊपर एएआई का एक फरवरी को 65.35 करोड़ रुपये का बकाया था, जो एक अगस्त तक बढ़कर 132.Four करोड़ रुपये हो गया.

बकाया भुगतान न करने के कारण एएआई ने एक अगस्त को स्पाइसजेट को कैश एंड कैरी मोड पर रख दिया, जिसका अर्थ है कि एयरलाइन को वहां से उड़ानें संचालित करने के लिये एएआई द्वारा संचालित हवाई अड्डों पर प्रतिदिन शुल्क देना पड़ता है. स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बताया, “स्पाइसजेट अपने दायित्वों को पूरा करने के लिये दृढ़ता से प्रतिबद्ध है. हमने पहले की तरह एएआई के सभी हवाई अड्डों पर सामान्य संचालन जारी रखा है.”

अधिकारियों ने बताया कि एक फरवरी को एयर इंडिया का बकाया 2,197.6 करोड़ था और यह बढ़कर 2,258.27 करोड़ रुपये हो गया. इसी तरह एयरएशिया इंडिया का बकाया इस दौरान 96 लाख रुपये से बढ़कर 18.89 करोड़ रुपये हो गया.

छह प्रमुख कंपनियों में विस्तार अकेली ऐसी एयरलाइन रही, जिसके ऊपर आलोच्य छह महीने के दौरान एएआई का बकाया कम हुआ है. इस दौरान कंपनी के ऊपर एएआई का बकाया 5.72 करोड़ रुपये से कम होकर 4.31 करोड़ रुपये पर आ गया. एयरएशिया इंडिया और विस्तार दोनों में टाटा समूह की बहुलांश हिस्सेदारी है.

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