हैप्पिएस्ट माइंड्स की बाजार में 111% प्रीमियम पर लिस्टिंग, निवेशकों को हुआ शानदार मुनाफा


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ुंबई37 मिनट पहले

हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजी के आईपीओ को भी जबरदस्त रिस्पांस मिला था। आईपीओ को 151 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।

  • लिस्टिंग के बाद बीएसई में शेयर 395 रुपए के हाई पहुंचा।
  • वित्त वर्ष 2020 में कंपनी का 96.6 प्रतिशत रेवेन्यू डिजिटल सेवाओं से आया है।

शेयर बाजार में हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजी लिस्टिंग हुई है। आज शेयर 111 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुआ। शेयर बीएसई पर 351 रुपए और एनएसई पर 350 रुपए के भाव पर लिस्ट हुआ है। इससे पहले कंपनी के आईपीओ को भी जबरदस्त रिस्पांस मिला था।

लिस्टिंग के बाद बीएसई में शेयर इश्यू प्राइस से 138 फीसदी की बढ़त के साथ 395 रुपए के उच्चतम स्तर पर पहुंचा। फिलहाल शेयर 10:57 बजे तक 9.46 फीसदी की बढ़त के साथ 384.20 रुपए पर ट्रेड कर रहा है।

हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजी का आईपीओ

इससे पहले हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजी के आईपीओ को 151 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। कंपनी इस आईपीओ से 702 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखी थी। बता दें कि 7 सितंबर को हैप्पिएस्ट माइंड्स का आईपीओ खुला और 9 सितंबर को बंद हो गया था। कंपनी का इश्यू प्राइस 165-66 रुपए था।

कंपनी ने 2.three करोड़ इक्विटी शेयर जारी किया था। इसके बजाय इसे 351 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन मिला था। रिटेल निवेशकों ने रिजर्व हिस्से की तुलना में 70.6 गुना पैसा लगाया। जबकि एनआईआई ने 351 गुना और क्यूआईबी ने अपने हिस्से की तुलना में 77 गुना पैसा लगाया। इस आईपीओ में 110 करोड़ रुपए फ्रेश इश्यू से जुटाया गया। जबकि प्रमोटर अशोक सूटा और सीएमडीबी ने ऑफर फॉर सेल के तहत शेयर बेचकर पैसे जुटाए।

कंपनी का कारोबार

यह एक छोटे आकार की आईटी कंपनी है। हालांकि वित्त वर्ष 2020 में कंपनी का 96.6 प्रतिशत रेवेन्यू डिजिटल सेवाओं से आया है। जो इंफोसिस, माइंडट्री और कॉग्निजेंट जैसी कई कंपनियों की तुलना में काफी अधिक है। इन कंपनियों का एवरेज डिजिटल रेवेन्यू 40-50 फीसदी होता है। इससे उम्मीद है कि आनेवाले समय में हैप्पिएस्ट माइंड्स को डिजिटल सेवाओं से अच्छा रेवेन्यू आएगा।

कंपनी डिजिटल बिजनेस सर्विसेज, प्रोडक्ट इंजीनियरिंग सर्विसेज और इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट व सुरक्षा सेवाओं की पेशकश करती है। कंपनी का फोकस ग्राहकों को एक आसान डिजिटल अनुभव देने का है।

पिछले वित्त वर्ष में घाटा

हालांकि कंपनी ने 2018 में 22.5 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा पेश किया था। वित्त वर्ष 2019 में 14.2 करोड़ और 2020 में इसे 71.7 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था। यह एक चौंकाने वाला आंकड़ा है। दो साल में ही कंपनी घाटे से उबर कर 71 करोड़ के लाभ में आ गई। जून तिमाही में इसका रेवेन्यू 177 करोड़ रुपए और लाभ 50 करोड़ रुपए रहा है।

जानकारों का कहना है कि शेयर का 111 फीसदी के प्रीमियम पर लिस्ट होना निवेशकों के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ है। जिन्होंने इसमें 1 लाख रुपये लगाए होंगे, उनका पैसा एक हफ्ते से भी कम समय में बढ़कर 2 लाख से ज्यादा हो गया।

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