राष्ट्रपति ट्रंप की मौजूदगी में यूएई और बहरीन ने इस्राइल से किया ऐतिहासिक करार


खाड़ी देशों ारोबार े लिए िलेंगे अवसर
यूएई े अपने आपको एक ऐसे देश के तौर पर खड़ा किया है जो ्य ताकत है, जहां व्यापार किया जा सकता है जो पर्यटकों के लिए घूमने की पसंदीदा जगह है। इसके अलावा यूएई को अमेरिका से एफ-35 जंगी विमा और ईए-18जी इलेक्ट्रॉिक वारफेयर विमा मिल सकेंगे।

यूएई ने लीबिया और यमन में अपनी सेना का इस्तेमाल किया है। बहरीन और यूएई ने पहले कभी इस्राइल से रिश्ता नहीं जोड़ा। हालांकि, अब उन्हें तकनीक के मामले में अग्रणी इस्राइल के साथ व्यापार की उम्मीद है। इस्राइली लोगों को भी छुट्टियां मनाने के लिए खाड़ी के मरुस्थल, समुद्र तट और मॉल मिल जाएंगे। इन सभी देशों के लिए ये एक अच्छा व्यापारिक मौका भी है।

ईरान पर दबाव बना सकेंगे ट्रंप

माना जा रहा है कि इन समझौतों से ट्रंप ईरान पर दबाव बना सकेंगे। चुनावी माहौल में वह प्रचार कर सकेंगे कि वह दुनिया के बेहतरीन मध्यस्थ हैं। इस्राइल की बेंजामिन नेतन्याहू सरकार के लिए वह कुछ भी अच्छा करेंगे तो अमेरिका में अमेरिकी ईसाई (इवेंजेलिकल) वोटरों को पसंद आएगा। इन समझौतों को ट्रंप सरकार इसे विदेश नीति की सफलता के तौर पर पेश करेगी।

इस्राइल की अरब देशों में बनेगी पैठ

इन समझौतों के बाद इस्राइल अरब देशों को यह भरोसा देने में कामयाब हो सकेगा कि उनके पास इस्राइल को मान्यता देने के सिवा कोई और चारा नहीं है। वैसे भी मध्य-पूर्व इलाके में इस्राइल अलग-थलग नहीं रहना चाहता है। मिस्र और जॉर्डन के साथ भी उसके कभी अच्छे संबंध नहीं रहे। साथ ही ईरान के खिलाफ उसे ताकत जुटाने में आसानी होगी।

ईरान के एयरबेस तक है यूएई की पहुंच

रणनीतिक तौर पर इस्राइल के एयरबेस ईरान से काफी दूर हैं, मगर यूएई तो खाड़ी के उस पार ही है। ऐसे में अगर ईरान के परमाणु स्थलों पर हवाई हमले करने की बात हुई तो इस्राइल, अमेरिका, बहरीन, यूएई के पास अब कई नए विकल्प होंगे।

ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर ने अहम भूमिका निभाई

यह समझौता कराने में राष्ट्रपति के सलाहकार और दामाद जैरेड कुशनर ने अहम भूमिका निभाई है। यूएई और बहरीन के नेताओं से फोन पर बात करने के बाद ट्रंप ने खुद दोनों समझौतों की घोषणा की है। व्हाइट हाउस समारोह में यूएई के वली अहद (उत्तराधिकारी) के भाई एवं देश के विदेश मंत्री हिस्सा लेंगे।

वहीं बहरीन का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री करेंगे। विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इसे उल्लेखनीय उपलब्धि बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पश्चिम एशिया में शांति के लिए हालात तय किए हैं, यह असल प्रगति है।



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