पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार पर देश और सेना की छवि खराब करने का आरोप, केस दर्ज


पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार पर देश और सेना की छवि खराब करने का आरोप, केस दर्ज

पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार असद तूर पर देश और सेना की छवि करने का आरोप लगाया गया है.

पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर कथित तौर पर देश और सेना की छवि खराब करने और बदनाम के आरोप में पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार असद तूर (Pakistan Senior Journalist Asad Toor) के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

  • News18Hindi

  • Final Up to date:
    September 16, 2020, 8:22 PM IST

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर कथित तौर पर देश और सेना की छवि खराब करने और बदनाम के आरोप में पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार असद तूर (Pakistan Senior Journalist Asad Toor) के खिलाफ मामला दर्ज किया है. एक्सप्रेस ट्रिब्यून (Specific Tribune Joiurnalist) के वरिष्ठ पत्रकार असद तूर के खिलाफ रावलपिंडी में हाफिज एहतेशाम अहमद की शिकायत पर एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है. हाफिज ने असद तूर पर आरोप लगाया है कि तूर ने देश और सेना को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया है. असद तूर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एफआईआर की कॉपी को साझा करते हुए लिखा कि शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि वह सोशल मीडिया का नियमित यूजर है और उसने पाया कि तूर कुछ दिनों से हाई लेवल सरकारी संस्थानों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, इनमें पाकिस्तानी सेना भी है. इस तरह वे सेना को बदनाम कर रहे हैं जो कानूनन अपराध है.’

पत्रकार पर लगाई गई ये धाराएं

पत्रकार असद पर एफआईआर निम्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है 499 (मानहानि) पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि के लिए सार्वजनिक बयानबाजी) और धारा 11 (अभद्र भाषा), 20 (किसी व्यक्ति की गरिमा के खिलाफ अपराध) और 37 (गैरकानूनी ऑनलाइन सामग्री) पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक अपराध अधिनियम की धाराएं (Peca) 2016.

पकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने मामला दर्ज कराने पर निंदा कीइस बीच पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने तूर के खिलाफ मामला दर्ज करने की निंदा की.आयोग ने ट्विटर पर कहा कि पत्रकारों के खिलाफ हो रही इस तरह की कार्रवाई में खतरनाक वृद्धि इस बात की पुष्टि करती है कि सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन करने पर तुली हुई है. आयोग की मांग है कि नागरिकों के अधिकारों का सम्मान किया जाए और सरकार और राज्य दोनों ही इसमें सुधार लाएं.”

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इस्लामाबाद में रहने वाले पत्रकार असद तूर ने इसे दुखद पल बताते हुए कहा कि पत्रकार होने के नाते यह मेरे लिए दुखद घटना है क्योंकि मैंने कभी भी खुद को समाचारों में आने की इच्छा नहीं की थी. पाकिस्तान में तूर अकेले ऐसे पत्रकार नहीं हैं जिन पर देश और शक्तिशाली सेना को कथित तौर पर बदनाम करने का इल्जाम लगाया गया हो और इसके लिए मामला दर्ज किया गया हो या गिरफ्तार किया गया हो. एक्सप्रेस ट्रिब्यून में ही कार्यरत बिलाल फारूकी को 11 सितंबर को सेना को बदनाम करने और सांप्रदायिक नफरत फैलाने के आरोप में उनके घर से हिरासत में लिया गया था.





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