पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन, कश्मीर मुद्दे पर OIC भी नहीं दिखा रहा खास रूचि


पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन, कश्मीर मुद्दे पर OIC भी नहीं दिखा रहा खास रूचि

विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (फाइल फोटो)

विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mehmood Qureshi) ने बुधवार को एआरवाई न्यूज से एक कार्यक्रम में कहा कि मैं एक बार फिर से ओआईसी से अनुरोध कर रहा हूं कि विदेश मंत्रियों की परिषद की एक बैठक हमारी उम्मीद है.

इस्लामाबाद. कश्मीर पर विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित करने के लिए पाकिस्तान (Pakistan) द्वारा बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) ने इस तरह के किसी सम्मेलन के प्रति अनिच्छा दिखाई है. इससे परेशान पाकिस्तान ने धमकी दी है कि वह इस मुद्दे पर अलग बैठक बुला सकता है. भारत द्वारा पिछले साल अगस्त में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद पाकिस्तान विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए 57 सदस्यीय संगठन पर जोर देता रहा है. ओआईसी संयुक्त राष्ट्र के बाद दूसरा सबसे बड़ा अंतर सरकारी निकाय है.

पाकिस्तान के अनुरोध पर अब तक ओआईसी की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है. विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बुधवार को एआरवाई न्यूज से एक कार्यक्रम में कहा, ‘मैं एक बार फिर से ओआईसी से अनुरोध कर रहा हूं कि विदेश मंत्रियों की परिषद की एक बैठक हमारी उम्मीद है.’ उन्होंने कहा, ‘अगर आप इसे नहीं बुला सकते हैं, तो मैं प्रधानमंत्री इमरान खान से उन इस्लामिक देशों की बैठक बुलाने के लिए कहने को मजबूर हो जाऊंगा जो कश्मीर मुद्दे पर हमारे साथ खड़े होने के लिए तैयार हैं.’ वहीं दूसरी तरफ, इस बार फिर से कश्मीर घाटी का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की पाकिस्तान की कोशिशों को करारा झटका लगा है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने बुधवार को कहा है कि इस मुद्दे को भारत और पाकिस्तान द्वारा द्विपक्षीय रूप से हल किया जाना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आज की अनौपचारिक बैठक में तकरीबन सभी देशों ने कहा कि कश्मीर भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है. इस पर परिषद को ध्यान और समय व्यतीत नहीं करना चाहिए. अनौपचारिक बैठक बेनतीजा रही.’

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान को बड़ा झटका, UNSC ने कहा- द्विपक्षीय रूप से हल किया जाए कश्मीर मुद्दा

कश्मीर पर चर्चा की मांगपाकिस्तान ने परिषद को लिखे एक पत्र में कश्मीर पर चर्चा की मांग की थी. इस पर कुछ राजनयिकों ने कहा कि यह पाकिस्तान द्वारा ‘मैच फिक्स’ जैसा है, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 को खत्म हुए एक साल पूरा हुआ है और इसी वजह से पाकिस्तान अपने ‘ऑल वेदर फ्रेंड’ चीन की मदद से चर्चा करना चाहता था. इस बैठक की निगरानी करने वाले संयुक्त राष्ट्र के राजनयिक के अनुसार, इस बार पाकिस्तान और चीन को इंडोनेशिया का भी समर्थन हासिल था. हालांकि, बाद में वह कश्मीर को द्विपक्षीय तरीके से हल किए जाने पर सहमत हुआ. उन्होंने बताया कि यह एक अनौपचारिक बैठक थी, जो बंद दरवाजों के पीछे आयोजित की गई थी.





Source link

This site is using SEO Baclinks plugin created by Locco.Ro

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *