Govt widens ambit of Rs three lakh crore MSME credit score assure scheme | अब एमएसएमई क्रेडिट स्कीम में वकील, डॉक्टर और सीए भी ले सकेंगे लोन, नहीं देनी होगी गारंटी


नई दिल्लीएक घंटा पहले

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इस स्कीम के तहत एमएसएमई 9.25 फीसदी की कम ब्याज दर पर लोन मिलता है। 

  • स्कीम के तहत कारोबारी मकसद से व्यक्तिगत लोन ले सकते हैं प्रोफेशनल
  • ज्यादा से ज्यादा लाभ के लिए सरकार ने एमएसएमई की परिभाषा भी बदली

कोरोना आपदा से निपटने के लिए शुरू की गई three लाख करोड़ रुपए की एमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) का सरकार ने दायरा बढ़ा दिया है। अब इस स्कीम के तहत एमएसएमई के अलावा डॉक्टर, वकील और चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) भी अपने कारोबार को बढ़ावा देने के लिए गारंटी मुक्त लोन ले सकते हैं। साथ ही सरकार ने इस स्कीम में लोन आउटस्टैंडिंग की सीमा को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है।

सरकार ने एमएसएमई की परिभाषा भी बदली

कोरोनावायरस संक्रमण का कारोबारों और अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। इस आपदा से निपटने के लिए व्यापारिक संगठनों ने सरकार से राहत की मांग की थी। इसके बाद ही सरकार ने मई में एमएसएमई के लिए ईसीएलजीएस स्कीम की घोषणा की थी। इस स्कीम के तहत एमएसएमई को कम ब्याज दर पर गारंटी मुक्त three लाख करोड़ रुपए का लोन दिया जाना है। साथ ही ज्यादा से ज्यादा कारोबारों को इस स्कीम का लाभ देने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने जून में एमएसएमई की परिभाषा में भी बदलाव किया था। नई परिभाषा 1 जुलाई से लागू हो गई है।

कारोबारी मकसद से लिया जा सकता है व्यक्ति लोन

इन बदलावों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि अब इस स्कीम के तहत कारोबारी मकसद से व्यक्तिगत लोन भी लिया जा सकता है। हालांकि, लोन लेने के लिए स्कीम के तहत सभी पात्रताएं पूरी करनी होंगी। वित्तीय सेवाओं के सचिव देबाशीष पांडा ने कहा कि हमने इस योजना में अब डॉक्टर, चार्टर्ड अकाउंटेंट और वकील जैसे प्रोफेशनल्स को भी शामिल किया है। इन प्रोफेशनल्स को लोन देने के लिए भी वही प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जो कारोबारियों के लिए अपनाई जाती है।

लोन आउटस्टैंडिंग की सीमा दोगुनी की

पांडा ने बताया कि इस स्कीम का ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को फायदा देने के मकसद से सरकार ने लोन आउटस्टैंडिंग की सीमा को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। अब जिन एमएसएमई पर 29 फरवरी को 50 करोड़ का लोन आउटस्टैंडिंग था, वह भी इस स्कीम के तहत लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस स्कीम के तहत गारंटेड एमरजेंसी क्रेडिट लाइन (जीईसीएल) फंड को 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए कर दिया है। इसके अलावा अब 250 करोड़ रुपए के टर्नओवर वाली कंपनियों को भी स्कीम का लाभ मिलेगा। अभी तक यह सीमा 100 करोड़ रुपए थी।

स्कीम के तहत अब तक 1.37 लाख के लोन को मंजूरी

वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 29 जुलाई तक बैंकों और नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज (एनबीएफसी) ने 1.37 लाख करोड़ रुपए के लोन को मंजूरी दे दी है। इसमें से 87,227 करोड़ रुपए का वितरण कर दिया गया है। देबाशीष पांडा ने बताया कि इस स्कीम के तहत छोटी कंपनियों को पर्याप्त रूप से कवर किया गया है। अब बड़ी कंपनियों को शामिल करने की तैयारी है। पांडा ने बताया कि 31 अक्टूबर तक इस स्कीम के तहत लोन लिया जा सकता है। वित्त मंत्री ने बताया कि योजना के विस्तार के लिए इसमें 1 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। इस स्कीम में 9.25 फीसदी की दर पर लोन मिलता है।

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